संस्था परिचय  

      महाराष्ट्र के मराठवाड़ा प्रान्त में जो हमेशा अकाल और अन्य संसाधनों के अभाव  से दुर्गम बना हुवा था, जैन समाज अत्यल्प मात्रा में होने के साथ साथ धर्म से दूर होता हुवा जान पड़ता था साधुओ का अभाव इन अनेक कारण इसके लिए निमित्त बने हुवे थे |  ऐसी धरा पर लातूर जिले के कसार सिरसी ग्राम में सन १९८९ में बा. ब्र.  स्मिताताई शाह की अध्यक्षता में आदरणीय जीवनदादा पाटिल के कार्यक्षेत्र में श्री दिगंबर जैन सिद्धांत प्रसारक मंडल के नाम से संस्था का बीजारोपण हुवा |   अल्प समय में ही आस पास के छोटे छोटे गांव में बसे जैन समाज के धर्मावलम्बियों को एकत्रित कर उन्हें धर्म से जोड़ने का प्रयास शुरू हुवा ।  धर्मसंस्कार शिक्षण शिबिर के माध्यम से छोटे छोटे शिबिरों का आयोजन करके उन्हें जैन धर्म के सामान्य ज्ञान से परिचित कराया गया। संस्था के कार्य और कार्यकर्ताओ की कार्य के प्रति सजगता को देखते हुवे इस छोटे से कार्य ने कब बड़ा रूप ले लिया पता ही नहीं चला।   समाधिस्थ १०८ श्री चिन्मयसागरजी महाराज के प्रेरणा और मंगल आशीर्वाद से स्थापित सन्मति सेवा दल की शाखाओ का प्रचार प्रसार बड़ी मात्रा मे हुवा।  कुछ ही वर्ष में सैकड़ो शाखाये सेवा दल की स्थापित हो गई और उनके माध्यम से धर्म प्रभावना का कार्य लगातार चलता रहा।